चूत में बैगन खीरा दाल कर काम चला रही थी

पति के टूर एंड ट्रेवल बिजिनेस होने के कारण मै अकेली ही रहती थी । इसी बीच महेश जी से खूब चुदवाई। लेकिन फिर मेरी जिंदगी में एक ऐसा मोड़ आया की क्या बताऊँ। महेश जी को अपने गाँव में कुछ कम होने के वजह से एक महीने के लिए जाना पड़ गया। 7 दिन तो जैसे तैसे निकल गए उसके बाद मेरी चूत और गांड लण्ड के लिए तराशने लगी। पति से कुछ होता नही था। लण्ड चूति में डाली 4 से 5 मं चोद कर शांत हो कर सो जाते। फिर उनको अपने काम के वजह से बाहर जाना पड़ता। इसी बीच वो फिर 15 दिन के लिए बाहर गए। 

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